नई दिल्ली (एडीएनए)। युद्ध भले कुछ दिनों के लिए थमा हो लेकिन 40 दिनों का युद्ध कई मायनों में दुनिया कतो चौंका गया। युद्ध के दौरान ईरान ने जिस तरह अमेरिका के अभेद्ध फाइटर मार गिराए उससे पूरी दुनिया हतप्रत रह गई और अमेरिका ने जिस तरह अभूतपूर्व और साहसिक रेस्क्यू आपरेशन से ईरान में फंसे अपने दो पायलटों को निकाला वह भी इतिहास में पहली बार हुआ।
14 दिनों के सीज फायर का ऐलान भले हुआ हो लेकिन दोनों तरफ से हमले जारी हैं, शर्तों को लेकर दोनों तरफ मतभेद हैं और ईरान ने होर्मुज फिर से बंद कर दिया है। फिर भी दुनिया को कुछ उम्मीद जागी है शायद कोई रास्ता निकल आएगा और युद्ध थमेगा। 40 दिन के युद्ध के दौरान दुनिया ने जो देखा वह किसी को भी उम्मीद नहीं थी, न अमेरिका और न ही इजरायल को।
सबसे ज्यादा चौंकाया ईरान ने, उसकी ताकत का अहसास किसी को नहीं था। सारे टॉप लीडर मारे जाने के बाद भी ईरान ने खासकर हवा में जो ताकत दिखायी उससे अमेरिका भी सहम गया। ईरान ने अमेरिका के 20 से ज्यादा फाइटर जेट मार गिराए, इनमें से सभी आधुनिक तकनीक वाले थे जिनको अमेरिका अभी तक पूरी दुनिया को अभेद्ध बता रहा था।
दूसरा सबसे चौकाने वाला अभियान अमेरिका ने चलाया, जिसके जरिए ईरान में फंसे अपने पायलटों को बचाया। ईरान ने अमेरिका का फाइटर जेट मार गिराया तो उसके दो पायलट ईरान के दुर्गम पहाड़ी इलाकों में कूद गए। एक पायलट को तो अमेरिका ने 21 फाइटर जेट विमान भेजकर बचा लिया लेकिन दूसरे को निकालने के लिए 155 फाइटर लगाने पड़े। ईरान में फंसा पायलट साहस दिखाकर लगातार सिग्नल देता रहा जिससे अमेरिकी बटाव दल उस तक पहुंच गया, इस बीच अमेरिका के तमाम फाइटर जेट ईरानी सेना को धोखा देते रहे, उनका आपरेशन कहीं चल रहा था और वह उड़ान कहींम भर रहे था। इससे ईरानी सेना यह नहीं भांप पायी कि वास्तव में पायलट कहां फंसा है और अमेरिका उसे सुरक्षित निकाल लरे गया। यह रेस्क्यू आपरेशन दुनिया सदिय़ों तक याद रखेगी।